आखिरकार स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कबूला, देश कोरोना संक्रमण के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन स्टेज पर पहुंचा
Vardhan, in response to a query during the weekly webinar 'Sunday Samvad', said that India had reached the stage of community transmission in case of corona infection.
आखिरकार स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कबूला, देश कोरोना संक्रमण के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन स्टेज पर पहुंचा
- हर्षवर्धन ने साप्ताहिक वेबिनार 'संडे संवाद' के दौरान किए गए एक प्रश्न के जवाब में कहा है कि कि कोरोना संक्रमण के मामले में भारत कम्यूनिटी ट्रांसमिशन के चरण में पहुंच चुका है।

नई दिल्ली। अब तक लगातार देश में कोरोना के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन को नकारने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Harsh Vardhan) ने आखिरकार स्वीकार कर लिया है कि कोरोना संक्रमण के मामले में भारत कम्यूनिटी ट्रांसमिशन के चरण में पहुंच चुका है। हालांकि, इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल कुछ जिलों और राज्यों तक ही सीमित है। उनका यह बयान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य में कोविड-19 का कम्युनिटी स्प्रेड अब शुरू हो गया है।
सबसे पहले केरल और बंगाल ऐसे राज्य थे, जिन्होंने स्वीकारा था कि उनके यहां कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो चुका है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी माना कि कोरोना वायरस का सामुदायिक संक्रमण चुनिंदा राज्यों के कुछ जिलों में हो चुका है। केंद्रीय मंत्री ने ने ‘संडे संवाद’ के छठे एपिसोड में अपने सोशल मीडिया फॉलोअरों से बातचीत में यह बात कही जहां वह एक प्रतिभागी के सवाल का जवाब दे रहे थे। हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल समेत अनेक राज्यों के विभिन्न हिस्सों में और खासतौर पर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कोविड-19 का सामुदायिक संक्रमण हो सकता है।’’ उन्होने कहा कि ‘हालांकि देशभर में ऐसा नहीं हो रहा है। सामुदायिक संक्रमण कुछ राज्यों के कुछ जिलों तक सीमित है।’’
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की परिभाषा के अनुसार कम्युनिटी ट्रांसमिशन तब होता है, जब कोई यह नहीं बता सकता कि लोगों को बड़ी तादाद में कोविड संक्रमण कैसे हुआ। जब बड़े पैमाने पर मामलों में यह पता न चल सके कि संक्रमण का जरिया क्या है तो इसे कम्युनिटी ट्रांसमिशन माना जाना चाहिए। इसका मतलब ये कि सरकार को पता नहीं होता कि नए केसेस का सोर्स क्या है। कम्युनिटी ट्रांसमिशन में कोरोना वायरस के कैरियर तक पहुंचना मुमकिन नहीं होता।
उधर, जुलाई में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक मार्गदर्शन दस्तावेज जारी किया था जिसमें अनजाने में यह बात भी सामने आ गई कि भारत में अप्रैल के शुरू में सामुदायिक प्रसार हुआ था। बाद में इस दस्तावेज को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट से हटा लिया गया था।
जनता सतर्क न हो तो सरकार क्या करे? मास्क नीचे उतार कर बातें मत कीजिये, एक महीने में करोना नियंत्रण में आ सकता है. कोरोना का सामुदायिक प्रसार का जिम्मेदार समुदाय ही होता है.


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