टूटे ब्रेकर से कैसे बनेगा स्मार्ट शहर ????
How will a smart city be made from a broken breaker ????
टूटे छतिग्रस्त गति अवरोधक बन रहे सड़क हादसों का कारण.....
छिन्दवाड़ा - एक तरफ छिन्दवाड़ा को स्मार्ट सिटी बनाने की बात हो रही है। शहर को स्मार्ट बंनाने की दिशा में इन दिनों विभिन्न विकास कार्य किये जा रहे है, कही सेल्फ़ी पॉइंट का निर्माण हो रहा है तो कही पार्क बनाये जा रहे है और तिराहों चौराहो का सौंदर्यकरण किया जा रहा है। ये निगम की कही न कही एक अच्छी पहल दर्शाता है परन्तु कुछ दिनों पूर्व शहर में बढ़ते सड़क हादसों और तेज गति से दौड़ते वाहनों पर नियंत्रण के उद्देश्य से शहर के मुख़्य मार्गो सहित अंदरुनी सड़को पर बड़ी संख्या में गति अवरोधक लगाये गए थे, शहर की कोई भी गली या सड़क ऐसी नही होगी जहा ये गति अवरोधक न लगाये गए हो, मगर आज वही गति अवरोधक सड़क हादसों का कारण बन रहे है, उसकी वजह ये है की लगाये गए ज्यादातर गति अवरोधक छतिग्रस्त हो गए है तो कही कुछ हिस्सा उखड़ने के बद आधे ही बचे है, देखने में आ रहा है की दो पहिया वाहन चालक वाहन की गति कम करने की वजाय जहा से गति अवरोधक उखड गए है उस छोटी से जगह से वाहन निकालने के प्रयास में होते है जिसकी वजह से आये दिन सड़क हादसे हो रहे है, यही स्थिति चौपहिया वहनो के साथ भी नजर आ रही है, सबसे ज्यादा परेशानी पैदल सड़क क्रास करने वालो को होती है। विशेष कर नेशनल हाइवे में हर समय सड़क हादसों का अंदेशा बना रहता है, जहा जहा ये स्थिति बनी हुई है उन छेत्रो के नागरिको द्वारा कई बार छतिग्रस्त गति अवरोधक को ठीक करने की मांग भी की जा चुकी है, मगर जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक इस दिशा में किसी प्रकार के कोई कदम नही उठाये है, जल्द से जल्द इसे ठीक किया जाना चाहिए या फिर छतिग्रस्त गति अवरोधकों को हटा कर नए सिरे से गति अवरोधक लगाये जाने चाहिए जिससे आये दिन होते सड़क हादसों पर रोक लगाईं जा सके।
वैसे एक और देखा जाये तो सुप्रीम कोर्ट के नियम और केंद्र शासन की गाइड लाइन अनुसार जिस प्रकार के ब्रेकर (अवरोधक) होना चाहिए उसकी कुछ तस्वीरें हम इस समाचार के माध्यम से आपको दिखा रहे है

3D Breaker


ज्ञात हो की कमलनाथ के सीएम बनने के साथ ही छिन्दवाड़ा को मिनी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा भी हुई थी इस क्रम में शहर को व्यवस्थित करने के साथ साथ जेल बगीचा छेत्र में ऑडिटोरियम, स्वीमिंग पूल, ओपन थयेटर सहित अन्य कार्य किये जाने की बात कही गई थी, मगर अब एक साल बितने को है अभी तक इनमे से एक का भी कार्य शुरू नही हो सका है, खेर छोड़ो ये सब तो होता रहेगा। मगर बड़ा सवाल तो ये है की जिस शहर में जहा तहा सड़क पर लगे गति अवरोधक छतिग्रस्त टूटे हुए हो और उसकी वजह से आये दिन सड़क हादसे हो रहे हो तो फिर वो शहर स्मार्ट कैसे कहलायेगा.....? साथ ही सीएम की स्मार्ट सिटी की मंशा पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है।


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