फारेस्ट रेंजर और जांच समिति से परेशान महिला कर्मचारी अब आत्महत्या करने को मजबूर…....
Forest Ranger and investigation committee harassed female employee now forced to commit suicide ……
फारेस्ट रेंजर और जांच समिति से परेशान महिला कर्मचारी अब आत्महत्या करने को मजबूर…....
- एजेके थाना प्रभारी सहित परिवाद जांच समिति पर लगे गंभीर आरोप…
- रेंजर की अश्लील करतूतों के खिलाफ आवाज उठाना आदिवासी महिला कर्मचारी को पड़ रहा है भारी…
- जांच के नाम पर कमेटी कर रही है महिला को परेशान …
- शिकायत वापस लेने का लगातार बनाया जा रहा है दबाव…
- पीड़ित महिला ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को लिखा पत्र .....
- शिकायत में आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप…
छिंदवाड़ा। भले ही मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान महिला की सुरक्षा के प्रति अनेको कानून बना दिए हो क्या वाकई बने इन कानूनों का अमल सही तरीके से होता है या नहीं ये तो ऐसे कुछ मामले जब सामने आते हे तब समझ आता है की प्रशासन महिला सुरक्षा के प्रति वाकई सतर्क दिखाई देती है या अपनी लापरवाही को पेपर को सुर्खियों में अपने अपने विभागों को सरेयाम नीलाम करती है
ऐसा ही एक शर्मनाक मामला छिंदवाड़ा का उजागर हुआ है जहां एक आदिवासी महिला कर्मचारी आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ रहा है पूरा मामला छिंदवाड़ा वनविभाग अंतर्गत छिंदवाड़ा रेंज ऑफिस में कार्यरत महिला कर्मचारी का है जिन्हें अपने ही डिपार्टमेंट के रेंजर की अश्लील छेड़छाड़ का शिकार होना पड़ रहा था जिससे परेशान होकर आदिवासी महिला कर्मचारी ने रेंजर की अश्लील करतूतों की शिकायत लिखित रूप से छिंदवाड़ा एसपी एवं अपने आला अधिकारियों को दी… किंतु यह शिकायत करना उनके लिए आत्महत्या करने का कारण बनता जा रहा है। इसी के चलते आज उक्त महिला मध्य प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखा है, यह पत्र अपने आप में गंभीर और चिंताजनक विषय है ! उन्होंने इस पत्र में आपबीती बयान की है साथ ही पुलिस एवं प्रशासनिक तथा वन विभाग के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इन्हें अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है ? आदिवासी महिला कर्मचारी ने जो पत्र राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा है साथ ही एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है. जो आप सबके सामने है .........




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